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Positive mood and outlook

मनोदशा और दृष्टिकोण को समझना

हम भावनाओं और असफलताओं से कैसे निपटते हैं, हमारे समग्र कल्याण और जीवन के दृष्टिकोण को प्रभावित करता है।

हम सभी ऐसे लोगों से मिले हैं या देखा है जो कभी निराश नहीं होते। वे अपने साथ बीती हुई भयानक बातों की परवाह किए बिना अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए बिना रुके जुटे रहते हैं। जबकि हो सकता है कि अंदर से वे हमसे भी ज़्यादा कठिनाई महसूस कर रहे हों। उनके पास कठिनाइयों से प्राकृतिक रूप से उभरने की शक्ति हो सकती है जो उन्हें आगे बढ़ने में मदद करती है।

हम सभी का मूड समय-समय पर बदलता है। दिन का कोई समय, भूखा या थका हुआ महसूस करना, या किसी मित्र के साथ असहमति होना, यह सब हमारी भावनाओं को प्रभावित कर सकते हैं। हमारी समग्र मनोदशा इस बात से प्रभावित होती है कि हम जीवन की इन छोटी और बड़ी घटनाओं और उनसे उत्पन होने वाली भावनाओं को कैसे संभालते हैं। जीवन के प्रति हमारा दृष्टिकोण भी हमारी भावनाओं से बंधा हुआ है, और यह हमारे भविष्य और सामान्य रूप से दुनिया को देखने के नज़रिये को प्रभावित करता है।

मिलकर ये सभी मानसिक स्वास्थ्य मिलियन एमएचक्यू (मानसिक स्वास्थ्य भागफल) की मनोदशा और दृष्टिकोण उपश्रेणी बनाते हैं। जबकि भावनाओं का होना सामान्य और स्वस्थ है, कुछ लोगों के लिए दूसरों की तुलना में अपनी भावनाओं और व्यवहारों को नियंत्रित करना आसान होता है। जिन लोगों का स्वस्थ मनोदशा और दृष्टिकोण एमएचक्यू स्कोर है, वे निम्नलिखित कार्य करने में सक्षम होते हैं:

  • अत्यंत भावनाओं का अनुभव करते हुए भी अपने व्यवहार और प्रतिक्रियाओं पर नियंत्रण रखना और तनावपूर्ण परिस्थितियों में शांति से जवाब देना।
  • आशावादी रहना और निराशाओं से सकारात्मक अर्थ पैदा करना, या निराशा को और अधिक सकारात्मक रूप से परिभाषित करना।
  • असफलताओं के बाद वापस उभर पाना।

कम मनोदशा और दृष्टिकोण स्कोर वाले लोग निम्नलिखित महसूस कर सकते हैं:

  • नियमित भय, चिंता या घबराहट का अनुभव।
  • अपनी भावनाओं को नियंत्रित करना मुश्किल लगना अक्सर अपना आपा खो देना।
  • बार-बार शारीरिक लक्षण जैसे पेट की समस्या, या दैहिक मुद्दों का होना- जैसे बिना किसी वजह के अक्सर बीमार पड़ना।
  • उन चीजों के लिए भी खुद को दोष देना जिनमे उनकी गलती न हो।

मनोदशा और दृष्टिकोण पर प्रभाव

हमारी मनोदशा और दृष्टिकोण को बहुत सी चीज़ें प्रभावित कर सकती है। जैविक और आनुवंशिक कारक, हमारा मूल व्यक्तित्व, परिवार या साथियों के साथ संबंध, जिस वातावरण में हम रहते हैं, जीवन के अनुभव और वर्तमान दुनिया की घटनाएं सभी प्रभाव डालते हैं।

हम भावनाओं से कैसे निपटते हैं, और हम दुनिया को कैसे देखते हैं, यह हमारे जीवन के हर दूसरे क्षेत्र को प्रभावित करता है। यदि आप लगातार निराश महसूस करते हैं, तो आपके जीवन में कोई लक्ष्य होने और उनके पीछे भागने की संभावना कम है। यदि आपको अक्सर अपनी भावनाओं को संभालने में कठिनाई होती है, तो आप रिश्तों को नुकसान पहुँचा सकते हैं या जिम्मेदारियों को निभाने में परेशानी का सामना कर सकते हैं। लगातार तनाव महसूस करना भी आपको शारीरिक स्वास्थ्य स्थितियों के प्रति अधिक संवेदनशील बना सकता है।

जीवन के उतार-चढ़ाव को झेलने की क्षमता होना हमारे आगे बढ़ने की क्षमता को दर्शाता है। जीवन में निराशा आने पर भी, जिन लोगों में गिर कर उठने की क्षमता होती है वे फिर से उभर सकते हैं, पुनः प्रयास कर सकते हैं और नए लक्ष्य निर्धारित कर सकते हैं। यहाँ तक कि दुखद घटनाएं भी जीवन की सार्थकता, जीने के प्रति नए जुनून और कृतज्ञता को महसूस करने में मदद कर सकती हैं।

क्या मैं अपना स्कोर बदल सकता हूँ?

सौभाग्य से, मनोदशा और दृष्टिकोण एक ऐसा क्षेत्र है जिसे बदलने पर हम काम कर सकते हैं। यदि आपका स्कोर उच्च है और आप इसे वहीं रखना चाहते हैं, तो अपनी देखभाल करने की गतिविधियों को जारी रखें। अपने सामाजिक समर्थन को बनाए रखें, भले ही इसे दूर से करना पड़े, और अपनी भलाई के बाकी क्षेत्रों का ध्यान रखें।

एक मध्यम मनोदशा और दृष्टिकोण के स्कोर को बनाए रखने या बढ़ावा देने के लिए, नई गतिविधियों की कोशिश करने, या पुरानी रुचियों और शौक को पुनर्जीवित करने पर विचार करें जो आपको खुशी और संतुष्टि देते हैं। यदि संभव हो तो अपनी शारीरिक सेटिंग बदलें (भले ही वह दिन में एक बार टहलना ही क्यों न हो) और सकारात्मक सोच और सचेत रहने के बारे में जानें। काउंसलिंग किसी भी नकारात्मक सोच पैटर्न की पहचान करने और अपने बारे में नकारात्मक विश्वासों को चुनौती देने में मदद कर सकती है। स्वस्थ भोजन और यदि संभव हो तो प्रकृति में व्यायाम करके अपने शारीरिक स्वस्थ्य की देखभाल करें और उसे बेहतर बनाएं, जो आपकी मनोदशा और दृष्टिकोण को बढ़ावा दे सकता है। और सबसे महत्वपूर्ण बात, पर्याप्त नींद लें।

इस श्रेणी में नकारात्मक अंक पुराने सदमे, प्रमुख अवसाद के मुद्दों और यहाँ तक ​​कि अंतर्निहित तंत्रिका संबंधी स्थितियों को दर्शा सकते हैं और आपके सामाजिक स्व और इच्छा और प्रेरणा को प्रभावित कर सकते हैं।

इसका मतलब यह भी हो सकता है कि आप हिंसक या आत्मघाती विचारों या व्यवहारों का अनुभव कर रहे हैं। यदि आपके मन में आत्महत्या, आत्म-नुकसान या हिंसा के विचार हैं, तो आपको तुरंत मदद लेनी चाहिए। अपने स्थानीय चिकित्सक, मनोचिकित्सक या थेरेपिस्ट से संपर्क करें, और सहायता के लिए आत्महत्या निवारण लाइफलाइन पर जाएँ।

संबंधित पोस्ट देखें: एक नकारात्मक एमएचक्यू (MHQ) चिकित्सा सहायता लेने का संकेत है।

मनोदशा और दृष्टिकोण सबसे महत्वपूर्ण कारकों में से एक है जो हमारे जीवन को प्रभावित करता है, दोनों कम और लम्बे समय में, हमें हर्ष और खुशी देता है और प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करने के लिए हमें उभरने की शक्ति प्रदान करता है। इसे बनाए रखने या सुधारने के लिए प्राथमिकता देना, सकारात्मक और सुखद जीवन जीने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।